मीरजापुर मेडिकल कालेज में बालों की वृद्धि हेतु पहली बार हुई पीआरपी थेरेपी
मीरजापुर। मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मीरजापुर के त्वचा एवं यौन रोग विभाग ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए बालों की वृद्धि (हेयर ग्रोथ) के लिए पहली बार स्कैल्प पर प्लेटलेट रिच प्लाज्मा (पीआरपी) थेरेपी सफलतापूर्वक संपन्न की। इस आधुनिक उपचार पद्धति के शुरू होने से अब मीरजापुर एवं आसपास के जनपदों के मरीजों को उन्नत हेयर रिस्टोरेशन उपचार की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी।
यह प्रक्रिया त्वचा एवं यौन रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रणव सत्यराज के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न की गई। उन्होंने बताया कि पीआरपी थेरेपी एक आधुनिक एवं न्यूनतम हस्तक्षेप वाली प्रक्रिया है, जिसमें रोगी के रक्त से प्लेटलेट्स युक्त प्लाज्मा तैयार कर उसे सिर की त्वचा (स्कैल्प) में इंजेक्ट किया जाता है। प्लेटलेट्स में मौजूद ग्रोथ फैक्टर्स हेयर फॉलिकल्स को सक्रिय करने, बालों के झड़ने को कम करने तथा नए बालों की वृद्धि को प्रोत्साहित करने में सहायक होते हैं।
डॉ. प्रणव सत्यराज ने बताया कि यह उपचार विशेष रूप से चयनित मरीजों में चिकित्सकीय परीक्षण एवं परामर्श के बाद किया जाता है। बेहतर परिणामों के लिए कई बार एक से अधिक सत्रों की आवश्यकता हो सकती है तथा आवश्यकता अनुसार अन्य चिकित्सकीय उपचारों के साथ भी इसे किया जाता है। सीएमएस डॉ. सचिन किशोर ने बताया कि महाविद्यालय में इस सुविधा के प्रारंभ होने से अब मिर्जापुर एवं आसपास के जिलों के मरीजों को इस आधुनिक उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉक्टर संजीव कुमार सिंह ने बताया कि यह उपलब्धि मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा आधुनिक, वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही बताया कि त्वचा रोग विभाग विभाग भविष्य में भी त्वचा एवं बालों से संबंधित आधुनिक उपचार पद्धतियों को संस्थान में उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।


