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राष्ट्रीय लोक अदालत ने रचा इतिहास-2,54,642 मामलों का निस्तारण, 1990 से चला आ रहा विवाद सुलह से समाप्त
0 12.70 लाख जुर्माना वसूल, 9.19 करोड़ का प्रतिकर अवार्ड पारित
मीरजापुर। 
    राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशन में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर अनुपम कुमार के मार्गदर्शन में दिनांक 12.09.2026 को जनपद न्यायालय, मीरजापुर, वाह्य न्यायालय चुनार, ग्राम न्यायालय मड़िहान, ग्राम न्यायालय लालगंज एवं जनपद के समस्त संबंधित न्यायालयों/स्थलों पर राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनुपम कुमार, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय संजय कुमार शुक्ला, अपर जनपद न्यायाधीश/नोडल अधिकारी (राष्ट्रीय लोक अदालत) संतोष कुमार गौतम, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आनन्द कुमार-प्प्, समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं अध्यक्ष, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन अभयराज सिंह द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं बैंक अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक कर राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने तथा अधिकाधिक लंबित एवं प्री-लिटिगेशन वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, वादकारियों को त्वरित एवं अधिकाधिक सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जनपद न्यायालय परिसर सहित जनपद के समस्त संबंधित न्यायालयों एवं स्थलों पर बड़ी संख्या में लंबित तथा प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह-समझौते एवं सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,54,642 मामलों का निस्तारण किया गया। विभिन्न मामलों में कुल मु0 12,70,405.00 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया तथा मृतकों एवं घायलों के पक्ष में मोटर दुर्घटना प्रतिकर के रूप में लगभग 9,19,80,360.00 रुपये़ के प्रतिकर अवार्ड पारित किए गए। मीरजापुर के इतिहास में इतने मुकदमों का निस्तारण पहली बार हुआ है।
राष्ट्रीय लोक अदालत की विशेष उपलब्धि अपर जनपद न्यायाधीष-प्रथम संतोश कुमार गौतम द्वारा 1990 से चले आ रहे मुकदमें का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया, यह निस्तारण इस बात का उल्लेखनीय उदाहरण है कि वर्षों से लंबित विवादों का भी संवाद, सहमति एवं समझौते के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान संभव है एवं प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लवी सिंह द्वारा 20 वर्ष से अधिक पुराने 02 वाद तथा 10 वर्ष से अधिक पुराने 09 वादों का भी निस्तारण किया गया।
लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, दीवानी वाद, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, बैंक ऋण एवं वित्तीय संस्थाओं से संबंधित प्रकरण, विद्युत एवं अन्य विभागों से संबंधित मामले, राजस्व संबंधी प्रकरण तथा विभिन्न प्रकार के प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर आनन्द कुमार-ll ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित मुकदमों की संख्या कम करना नहीं है, बल्कि पक्षकारों को ऐसा न्यायसंगत एवं सौहार्दपूर्ण समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे दोनों पक्ष संतुष्ट होकर न्यायालय से वापस लौटें। वर्ष 1990 से चले आ रहे विवाद का निस्तारण इसी भावना की एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी मिसाल है। लोक अदालत के माध्यम से वादों का निस्तारण होने से पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होती है तथा पारस्परिक संबंध बने रहते है।
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