पूरे नगर में गुरुतेगबहादुर का शोभायात्रा निकाल, जगह जगह दिखाया गया करतब
पूर्व नपाध्यक्ष अहरौरा गुलाब मौर्य द्वारा खरंजा त्रिमुहानी पर सिख समुदाय के लोगों को जलपान कोलड्रिंक वितरण कराई गई
अहरौरा, मीरजापुर। सिक्खों के छेवैपतिशाही श्रीहरिगोविन्द साहिब जी व माता नानकी जी के मोद में बैशाख बदी पंचमी संवत 1678 में अमृतसर की पावन धरती पर श्रीगुरुतेग बहादुर जी का अवतार हुआ। जिन्होने भारतवर्ष की रक्षा के लिए अपने शरीर की आहुति देकर औरंगजेब के जुल्म को मिटाया तथा हिन्दू धर्म को बचाया। इस कारण उन्हें धर्म रक्षक व हिन्द की चादर कहा जाता है। श्री गुरुतेग बहादुर जी संवत 1722 के आदि आनन्दपुर साहिब से तीर्थयात्रा के दौरान इलाहाबाद से चलकर विन्ध्याचल मीरजापुर चुनार पटीहटा होते हुए अहरौरा पहुँचे, यहाँ पर ग्यारह दिन निवास किए तथा अपना वर्षगाँठ (जन्मदिन) वैशाख बदी पंचमी को संवत 1723 को मनाया तथा भाई साधो सिंह द्वारा बाग लगवाए जो आज बाग श्री गुरुतेग बहादुर साहिब जी के नाम से प्रसिद्ध है।
इसी इतिहासिक स्थान गुरुद्वारा अहरौरा में श्री गुरुतेग बहादुर साहिब जी का पावन प्रकाश उत्सव दिन मंगलवार को हर साल की भांति इस साल भी बहुत श्रद्धा और धूमधाम से मनाया गया।
इस गुरुपर्व पर सिंगरौली, वैदन, गोरखी, बीना, शक्तिनगर, जयन्त, ओबरा, चोपन, रेनूकूट, रेनूसागर, रावर्ट्सगंज रामगढ़, वाराणसी, रामनगर, छोटा मीरजापुर, राजगढ़, भुइली, मीरजापुर, चकिया, चुनार, मुगलसराय, दिल्ली, सूरत से सैंकड़ों सिख समुदाय के लोग इस तीन दिवसीय समागम में सम्मिलित हुए। वहीं भाई हरजीत सिंह हजूरी रागी जत्था तख्त हरिमन्दिर पटना साहिब और भाई नरिन्दर सिंह हजूरी रागी जत्था गुरुद्धारा गुरूबाग वाराणसी ने बताया कि तप स्थान श्री गुरुतेगबहादुर साहिब जी के इस गुरुद्वारा में गुरु ग्रन्थ साहिब जी का हस्तलिखित छठवों गुरु ग्रन्य साहिब 253 वर्ष पुराना, गुरू राज्य साहिब जी का हस्तलिखित स्वरूप 202 वर्ष पुराना, गुरू ग्रन्य दसम ग्रंथ साहिब जी का हस्तलिखित स्वरूप 166 वर्ष पुराना मौजूद है।
78 वा समागम में रविवार 5 अप्रैल से शुरू होकर अखण्ड पाठ साहब समाप्त के बाद प्रसाद वितरण गुरू का अटूट लंगर वितरण हुआ। पट्टी खुर्द अहरौरा तप स्थान गुरूतेबहादुर के प्रांगण से भव्य शोभायात्रा प्रारंभ होकर पूरे नगर में भ्रमण कराया गया। इस शोभायात्रा में सिख समुदाय के लोगों द्वारा आतिशबाजी, बैण्ड बाजा एवं गतका के विशाल प्रदर्शन के साथ की गई। और भजनकीर्तन करते हुए पुनः पट्टी खुर्द/टिकरा खरंजा गुरुतेगबहादुर गुरु द्वारा समाप्त किया गया।
उसी दौरान पूर्व नपाध्यक्ष अहरौरा गुलाब मौर्य द्वारा खरंजा त्रिमुहानी पर सभी सिख समुदाय के लोगों को जलपान और कोल्ड्रिंक्स वितरण कराई गई।
इस दौरान सरदार कमल सिंह मोट, उपाध्यक्ष सरदार जसवन्त सिंह, उपाध्यक्ष सरदार अमोलक सिंह (प्रिंस), सरदार संतोष सिंह, कोषाध्यक्ष सरदार इन्द्रजीत सिंह (सन्नी), गुरु संगत के दास सरदार सुखदेव सिंह, मैनेजर सरदार जसबीर सिंह, ऑडिटर सरदार ईश्वर सिंह (सोनू) के साथ सरदार जगजीत सिंह, सरदार करनैल सिंह, सरदार हरभजन सिंह, सरदार जसप्रीत सिंह, सरदार बीर सिंह, गुरमीत सिंह, गुलाब सिंह सहित सैकड़ों सिख समुदाय के लोग मौजूद रहे।


